Wednesday, 19 March 2014

धीरे चलो

धीरे चलो

धीरे चलो, ज़रा हौले चलो, धीमे चलो ज़रा हौले चलो
धीरे चलो, ज़रा हौले चलो, धीमे चलो ज़रा हौले चलो

ज़माने से अलग चलो, पीछे मुड़ मुड़ के देख के चलो
दौड़ के जल्दी नहीं, आराम से टहलते टहलते भी  चलो
आँखें खोल के नहीं, कभी मस्ती में बंद कर के भी चलो
दिन में फूलो को छूते, रात में तारो को गिनते गिनते चलो
होश में हमेशा चलते हो, कभी झूमते झूमते  भी चलो
अकेले नहीं, उदास नहीं, सब के  साथ मुस्कराते चलो
हमेशा जूतो में, कभी नंगे पांव गीली घास पर भी चलो
बारिश में दौड़ते बच्चों के साथ कदम से कदम मिला के चलो

धीरे चलो, ज़रा हौले चलो, धीमे चलो ज़रा हौले चलो
धीरे चलो, ज़रा हौले चलो, धीमे चलो ज़रा हौले चलो

ज़िन्दगी में थक जायो तो , थम जाओ ,दो साँस ले के फिर चलो
प्यासे हो तो, रुक जाओ  सूखे होंटो पर पानी के दो बुँदे टपका के चलो
कभी किसी का हाथ पकडे, कभी किसी को अपनी उंगली पकड़ाते चलो
हमेशा हवाओं में उड़ते रहते तो,  कभी तो ज़मीन पर भी चलो
दिमाग से हमेशा नहीं, कभी अपने दिल की आवाज सुन के चलो
हमेशा हिसाब में लगे रहते हो,कभी बेहिसाब, बिना हिसाब भी चलो
इतना भी संभल के नहीं, कभी गिर के,फिर उठ के चलो
अपनी मिटी पर अपने कदमो के निशान बनाते बनाते चलो

धीरे चलो, ज़रा हौले चलो, धीमे चलो ज़रा हौले चलो
धीरे चलो, ज़रा हौले चलो, धीमे चलो ज़रा हौले चलो

आपका अपना अनुराग -"परदेसी" १७/०३/१४


1 comment:

  1. Hath nape ek Gaj chalo pr chalte raho .. bas dheeme chalo

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