भगवान तेरे लिए तेरा वरदान
ना अपने लिए, ना अपनों के लिए कभी मांगा तुम से वरदान
हमेशा प्रार्थ्रना की और सिर्फ चाहा तुम्हारा आशीर्वाद भगवान
अपने कर्मो और हाथो पर था विश्वास के पुरे होगे अपने अरमान
उंच नीच, भेद भाव, नहीं किया किसी से, संस्कारो का किया सम्मान
जो पढ़ा, जो लिखा, वही बेटे बेटी को पढ़ाया, दोनों को समझा एक समान
ज़िन्दगी खूबसूरत है, हम किसी का बुरा करे इससे पहले तू ले लेना हमारे प्राण
ना अपने लिए, ना अपनों के लिए कभी मांगा तुम से वरदान
अभी भी अपने लिए नहीं, इंसानियत के लिए मांग रहे भगवान
देखते तो जरूर होगे, की क्या करे रहे तुम्हारे बनाये हुए इंसान
तुम्हारे नाम पर कर रहे पूरी दुनिया को शर्मसार और लहूलुहान
तेरे नाम पर मार रहे और मर रहे खोल के बैठे मौत की दुकान
ज़हर की फसले बो रहे ना जाने कब रुकेगा यह खुनी तूफान
ना अपने लिए, ना अपनों के लिए कभी मांगा तुम से वरदान
कहते है बहनो को पढ़ाओ मत, ये तुम्हारी किताब का है ज्ञान
जग जननी के बच्चे ही उसके जीने न देंगे, उसका इतना करेंगे अपमान
जिसने लिखना सिखाया, उसके हाथो से छीन कलम उसे कर देंगे बेजुबान
उसके चेहरे पर डाल कर काला परदा, उसकी आँखों का लेगे इम्तिहान
जीते जी मार देंगे उसे, और वो बन के रह जाएगी घर का एक सामान
ना अपने लिए, ना अपनों के लिए कभी मांगा तुम से वरदान
इतनी जल्दी कलयुग आ जायेगा सोचा न, अब सोच के हम है परेशान
इतना सब देखने के बाद सोचता हूँ , क्या तू अब तक नहीं हैरान
तेरे बन्दों ने इतना किया तेरा नाम बदनाम, भगवन तेरा जीना नहीं आसान
अब किसका है इंतजार, दे तू इन सबको मेरा
माँगा मौत का वरदान
अपने लिए नहीं, तेरे नाम की सचाई बनी रहे इसलिए
लिए मांग रहा वरदान
Aapka Apna Anurag “ Pardesi” 09/05/2014
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